धान खरीदी की तैयारियों में कोई कमी न रहे, कलेक्टर ने दिए कड़े निर्देश
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सारंगढ़-बिलाईगढ़, 29 अक्टूबर 2026/ खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी को सुव्यवस्थित और पारदर्शी बनाने के लिए जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। बुधवार को कलेक्टर श्रीमती पद्मिनी भोई साहू की अध्यक्षता में धान उपार्जन प्रशिक्षण आयोजित किया गया, जिसमें मास्टर ट्रेनरों ने अनुविभागीय अधिकारियों, खाद्य, सहकारिता एवं मंडी विभाग के अधिकारियों, समिति प्रबंधकों और ऑपरेटरों को खरीदी प्रक्रिया की बारीकियों से अवगत कराया।
छत्तीसगढ़ शासन के निर्देशानुसार जिले में धान खरीदी 15 नवंबर 2026 से प्रारंभ होकर 31 जनवरी 2027 तक चलेगी। जिले में कुल 95 धान उपार्जन केन्द्र बनाए गए हैं। विकासखंडवार स्थिति देखें तो सारंगढ़ में 30, बरमकेला में 27 और बिलाईगढ़ में 38 केन्द्र शामिल हैं।
बुनियादी सुविधाओं पर जोर
कलेक्टर ने सभी केन्द्रों की वर्तमान स्थिति की समीक्षा करते हुए स्पष्ट कहा कि खरीदी शुरू होने से पहले शासन द्वारा निर्धारित सभी बुनियादी सुविधाएं अनिवार्य रूप से पूरी कर ली जाएं। उन्होंने तौल मशीनों का सत्यापन समय पर कराने, प्रत्येक केन्द्र में आर्द्रतामापक यंत्र की उपलब्धता सुनिश्चित करने और खराब उपकरणों को तत्काल दुरुस्त कराने के निर्देश दिए। जिन केन्द्रों में सीसीटीवी कैमरे चालू हालत में नहीं हैं, वहां शीघ्र व्यवस्था कर उन्हें क्रियाशील किया जाए।
पारदर्शिता के लिए थ्री-टियर मॉनिटरिंग
धान खरीदी में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए सभी केन्द्रों की सीसीटीवी कैमरों से निगरानी होगी। कलेक्टर ने राज्य, जिला और विकासखंड स्तर पर सतत मॉनिटरिंग की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा।
तुहर टोकन एप से सुविधा
किसानों की सुविधा के लिए ‘तुहर टोकन’ मोबाइल एप के माध्यम से टोकन काटने की व्यवस्था रहेगी। किसान समिति में पहुंचकर भी टोकन प्राप्त कर सकेंगे। दो एकड़ तक के किसानों के लिए एक, दो से दस एकड़ तक के लिए दो और दस एकड़ से अधिक भूमि वालों के लिए तीन टोकन की सुविधा दी गई है।
अवैध धान पर सख्ती
सीमावर्ती राज्यों से अवैध धान लाकर खपाने के प्रयासों पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। प्रत्येक तहसील में तहसीलदार की अध्यक्षता में उड़नदस्ता दल गठित किया गया है, जिसमें नायब तहसीलदार, सहायक खाद्य अधिकारी, खाद्य निरीक्षक, सहकारिता निरीक्षक, मंडी सचिव सहित अधिकारी शामिल हैं।
संवेदनशील और अतिसंवेदनशील केन्द्रों पर तहसीलदार, नायब तहसीलदार, सहायक खाद्य अधिकारी, खाद्य निरीक्षक और राजस्व निरीक्षक की ड्यूटी लगाई गई है।
प्रशिक्षण में डिप्टी कलेक्टर सुश्री वर्षा बंसल, सभी एसडीएम, खाद्य अधिकारी, उपसंचालक कृषि, सहायक आयुक्त सहकारिता, जिला विपणन अधिकारी सहित समिति प्रबंधक और ऑपरेटर उपस्थित रहे।
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