शेयर मार्केट में निवेश के नाम पर 70.77 लाख की ठगी, मुख्य आरोपी मिनकेतन सिदार गिरफ्तार
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रायगढ़, 15 अक्टूबर 2026: शेयर मार्केट में पैसा दोगुना करने का झांसा देकर ग्रामीण महिलाओं से लाखों रुपये ठगने के मामले में साइबर थाना रायगढ़ पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने इस ठगी के मुख्य आरोपी मिनकेतन सिदार पिता ब्रह्मा सिदार (40 वर्ष), निवासी ग्राम आमगांव, थाना तमनार को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है।
एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह के निर्देशन में की गई इस कार्रवाई में आरोपी को तमनार क्षेत्र में उसके गांव के पास दबिश देकर पकड़ा गया। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से अपराध में प्रयुक्त मोबाइल फोन और बैंक खाते से संबंधित दस्तावेज जब्त किए हैं।
ऐसे बनाया महिलाओं को शिकार
मामला थाना पुसौर क्षेत्र के ग्राम जतरी का है। शिकायतकर्ता हारा बाई निषाद (36 वर्ष) सहित गांव की अन्य महिलाओं ने बताया कि ग्राम जतरी की मेनका सारथी अपने मायके आने पर महिलाओं को बताती थी कि वह और उसका पति शेयर मार्केट में निवेश कर अच्छा मुनाफा कमा रहे हैं।
आरोपियों ने कम समय में रकम दोगुनी करने और मोटा मुनाफा दिलाने का भरोसा दिलाया। यहां तक कहा गया कि यदि रकम दोगुनी नहीं हुई तो वे अपनी गारंटी पर दोगुनी रकम वापस दिलाएंगे।
शिकायत के अनुसार 6 अप्रैल 2025 से 24 अक्टूबर 2025 के बीच 10 महिलाओं से ही करीब 70 लाख रुपये लिए गए। इनमें हारा बाई निषाद से 17.53 लाख, अनिता निषाद से 17.24 लाख, पुष्पा सिदार से 9 लाख, विष्णु प्रिया निषाद से 7.50 लाख रुपये सहित कुल 70,77,901 रुपये की ठगी की शिकायत सामने आई है। कुछ महिलाओं ने बैंक से ऋण लेकर रकम दी थी, जिसकी किस्तें अब उन्हें खुद चुकानी पड़ रही हैं।
शुरुआत में कुछ निवेशकों को मुनाफे की रकम लौटाकर विश्वास जीता गया, लेकिन बाद में न मुनाफा मिला न मूल रकम वापस की गई। रकम मांगने पर पीड़ितों को जेल भिजवाने की धमकी भी दी गई।
जांच में खुला पूरा नेटवर्क
मामले की गंभीरता को देखते हुए 22 जुलाई 2026 को थाना साइबर में अपराध क्रमांक 11/2026, धारा 318(4), 3(5) बीएनएस के तहत मेनका सारथी, उसके पति अक्षय सारथी और मीरा सोनवानी के विरुद्ध अपराध दर्ज किया गया था।
जांच में मेनका सारथी के तीन बैंक खातों में लाखों के लेनदेन का पता चला। 6 अक्टूबर को पुलिस ने जिला सक्ती के ग्राम बरतुंगा से मेनका सारथी को हिरासत में लिया था। पूछताछ में उसने बताया कि रायगढ़ के ढिमरापुर में किराये पर रहते समय उसकी पहचान मिनकेतन सिदार से हुई थी, उसी ने निवेश के नाम पर रकम लेने की योजना बनाई थी।
पुलिस के अनुसार अक्षय सारथी मुनाफे का भरोसा दिलाने और लेनदेन का हिसाब रखने में, जबकि मीरा सोनवानी महिलाओं को प्रेरित करने और नकद रकम लेकर बैंक में जमा कराने में सहयोग करती थी।
साइबर थाना पुलिस का कहना है कि मामले में अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी शेष है और विवेचना जारी है।
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