प्रभु श्रीराम के जीवन से मिलती है संघर्ष और मर्यादा की प्रेरणा: वित्त मंत्री श्री ओ.पी.चौधरी
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रायगढ़, 31 अक्टूबर 2026/ श्री रामलला दर्शन योजना एवं मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के तहत तीर्थयात्रा करने वाले जिले के लगभग एक हजार वरिष्ठ नागरिकों का आज संत पूज्य श्री प्रियदर्शी राम ऑडिटोरियम, पंजरी प्लांट में आयोजित विशेष समारोह में सम्मान किया गया। वित्त मंत्री एवं रायगढ़ विधायक श्री ओ.पी. चौधरी ने सभी वरिष्ठ नागरिकों को श्रीरामचरित मानस की पुस्तिका, व्यास वेदी और शाल भेंट कर सम्मानित किया।
सुंदरकांड पाठ से हुई शुरुआत
कार्यक्रम की शुरुआत सुबह 10 बजे सुंदरकांड पाठ एवं सामूहिक हनुमान चालीसा के वाचन से हुई। वित्त मंत्री ने भगवान श्रीराम के छायाचित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित कर पूजा-अर्चना की तथा रामायण आरती में शामिल हुए। कार्यक्रम में लोकसभा सांसद श्री राधेश्याम राठिया, राज्यसभा सांसद श्री देवेंद्र प्रताप सिंह, महापौर श्री जीवर्धन चौहान, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती शिखा रवींद्र गबेल सहित जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में वरिष्ठ नागरिक उपस्थित रहे।
वित्त मंत्री का संबोधन
वित्त मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि माता कौशल्या छत्तीसगढ़ की बेटी थीं और भगवान श्रीराम का छत्तीसगढ़ से गहरा सांस्कृतिक संबंध है। प्रभु श्रीराम छत्तीसगढ़ के भांचा राम हैं। उनका जीवन केवल धार्मिक आस्था नहीं, बल्कि मर्यादा, त्याग, कर्तव्य, संघर्ष और सेवा की प्रेरणा है। राजपरिवार में जन्म लेकर भी उन्होंने 14 वर्ष का वनवास सहा। कठिन परिस्थितियों से घबराने के बजाय समाज हित में कार्य करना चाहिए।
उन्होंने बताया कि 2023 में सरकार बनने के बाद मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना पुनः शुरू की गई और पहले बजट में श्री रामलला दर्शन योजना प्रारंभ की गई। अयोध्या में दर्शन के दौरान उन्होंने एक लाख श्रीरामचरित मानस पुस्तिकाएं और व्यास वेदी वितरित करने का संकल्प लिया था।
सांसदों ने की सराहना
सांसद श्री राधेश्याम राठिया ने कहा कि सरकार ने बुजुर्गों का अयोध्या जाने का सपना साकार किया। सांसद श्री देवेंद्र प्रताप सिंह ने धार्मिक विरासत के संरक्षण पर जोर दिया।
श्रद्धालुओं के अनुभव
तीर्थयात्रियों ने कहा कि उन्होंने कभी अयोध्या जाने की कल्पना नहीं की थी, सरकार की योजना से सपना पूरा हुआ। अक्टूबर 2025 से अक्टूबर 2026 के बीच छह चरणों में 981 वरिष्ठ नागरिकों (ग्रामीण 861, शहरी 120) को यात्रा कराई गई।
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