चुनाव आयोग के संयुक्त बयान से कांग्रेस के आरोप बेनकाब हुए : महापौर जीवर्धन चौहान और जिला पंचायत अध्यक्ष शिखा गबेल ने कहा
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रायगढ़। भाजपा जिला मीडिया प्रभारी गणेश अग्रवाल द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार जिला पंचायत अध्यक्ष रविंद्र शिखा गबेल एवं महापौर जीवर्धन चौहान ने संयुक्त बयान जारी कर कांग्रेस और विपक्षी इंडी गठबंधन पर निशाना साधा है।
विज्ञप्ति के अनुसार दोनों नेताओं ने कहा है कि चुनाव आयोग के तीनों आयुक्तों की संयुक्त बैठक और जॉइंट प्रेस स्टेटमेंट के बाद वोट चोरी जैसे मिथ्या आरोपों से दूध का दूध और पानी का पानी हो गया। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस सिर्फ झूठ, सनसनी और भ्रम फैलाने का काम कर रही है।
“सभी फैसले सर्वसम्मति से” – गबेल
जिला पंचायत अध्यक्ष रविंद्र शिखा गबेल के हवाले से विज्ञप्ति में कहा गया है कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और दोनों चुनाव आयुक्त डॉ. एस.एस. संधू एवं डॉ. विवेक जोशी की 26 सितंबर को अपराह्न 3 बजे बैठक हुई। इसके बाद जारी जॉइंट स्टेटमेंट में स्पष्ट किया गया है कि SIR (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) सहित सभी प्रमुख निर्णय सर्वसम्मति से लिए गए हैं। 24 जून 2025 का मूल आदेश हो या 12 और 19 राज्यों की समय-सारणी, सभी निर्णय पूरे आयोग की सहमति से हुए हैं। विज्ञप्ति में दावा किया गया है कि सुप्रीम कोर्ट ने 27 मई 2026 को इस प्रक्रिया को वैध ठहराया है।
गबेल ने विज्ञप्ति में आगे कहा है कि कैबिनेट सेक्रेटरी को लिखा पत्र किसी नीतिगत विषय या SIR से संबंधित नहीं था, बल्कि प्रतिनियुक्ति पर आए अधिकारी के प्रशासनिक मामले से जुड़ा था। ‘द इंडियन एक्सप्रेस’ की रिपोर्ट कोरी कल्पना पर आधारित है।
“फॉर्म-6 को लेकर भ्रम फैला रहा विपक्ष” – चौहान
महापौर जीवर्धन चौहान के हवाले से विज्ञप्ति में कहा गया है कि विपक्ष फॉर्म-6 को लेकर जनता में भ्रांति फैला रहा था, जबकि चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि SIR के लिए फॉर्म-6 से संलग्न घोषणापत्र को सुप्रीम कोर्ट ने वैध ठहराया है। गैर-SIR अवधि के लिए पुराने नियम ही लागू हैं। किसी प्रक्रिया में हेरफेर नहीं किया गया है।

चौहान ने कहा है कि चुनाव आयोग की स्पष्टता के बाद कांग्रेस के आरोपों की वास्तविकता सामने आ गई है। जब भी विपक्ष जनता की अदालत में पराजित होता है तो संवैधानिक संस्थाओं पर झूठे आरोप मढ़ने लगता है। निर्वाचन आयोग के बयान ने विपक्ष के प्रोपेगेंडा की हवा निकाल दी है – ऐसा उन्होंने कहा।
विज्ञप्ति में आगे राहुल गांधी के पूर्व बयानों का जिक्र करते हुए कहा गया है कि उन्होंने EVM को ‘ब्लैक बॉक्स’ बताया, राफेल मामले में सुप्रीम कोर्ट के आदेश को तोड़-मरोड़ कर पेश किया, CAG रिपोर्ट को ‘चौकीदार ऑडिटर जनरल’ कहा और सर्जिकल स्ट्राइक, बालाकोट एयर स्ट्राइक व तवांग झड़प पर सेना के शौर्य पर सवाल उठाए थे।
यह समाचार भाजपा जिला मीडिया विभाग द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के आधार पर प्रकाशित है। इसमें व्यक्त विचार संबंधित नेताओं के हैं। चुनाव आयोग के जॉइंट स्टेटमेंट की स्वतंत्र पुष्टि की जा रही है। कांग्रेस पक्ष से संपर्क का प्रयास किया गया है, उनका पक्ष प्राप्त होने पर प्रकाशित किया जाएगा।
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