जीएसटी में ऐतिहासिक सुधार, अब टैक्स अधिकारी नहीं कर सकेंगे गिरफ्तारी, रास्ते में नहीं रुकेगी गाड़ी: वित्त मंत्री ओपी चौधरी
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नई दिल्ली। दिल्ली में आयोजित जीएसटी काउंसिल की 57वीं बैठक में देश के टैक्स ढांचे को लेकर युगांतकारी फैसले लिए गए हैं। बैठक के बाद छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने इसे आजादी के बाद के टैक्स स्ट्रक्चर में सबसे बड़ा बदलाव बताया।
वित्त मंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में यह बैठक हुई। पिछले साल जीएसटी 2.0 लाकर जनता को राहत दी गई थी, इस बार फोकस प्रोसीजरल रिफॉर्म्स पर था।
बैठक के 4 बड़े फैसले:
1. गिरफ्तारी का अधिकार समाप्त: दशकों से चला आ रहा टैक्स डिपार्टमेंट का अरेस्ट करने का अधिकार अब समाप्त कर दिया गया है। यह अधिकार जीएसटी से भी पहले से चला आ रहा था।
2. रास्ते में गाड़ी नहीं रुकेगी: ई-वे बिल के नाम पर रास्ते में गाड़ियों को रोककर चेक करने की व्यवस्था समाप्त करने का निर्णय। अब कोई भी अधिकारी बीच रास्ते में गाड़ी रोककर जाम और परेशानी पैदा नहीं कर सकेगा, जिससे लॉजिस्टिक और ट्रांसपोर्ट सेक्टर को बड़ी राहत मिलेगी।
3. रजिस्ट्रेशन और रिफंड आसान: प्रक्रिया बेहद सरल की गई है, कई जगह डीम्ड प्रोविजन लाए गए हैं ताकि व्यापारियों को प्रक्रियाओं से मुक्ति मिल सके।
4. अब ITC का लाभ मिलेगा: बिजनेसमैन और एंटरप्रेन्योर को बड़ी राहत देते हुए अब ग्रुप इंश्योरेंस, केटरिंग और कैपिटल एक्सपेंडिचर पर भी ITC (इनपुट टैक्स क्रेडिट) मिलने लगेगा, जो पहले नहीं मिलता था।
वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने बताया कि इन सभी सुधारों को 1 अप्रैल 2027 से लागू करने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि जीएसटी 2.0 में दरों में कमी करके जनता को राहत दी गई थी, इस बार प्रक्रियाओं में सरलता लाकर व्यापारियों को बड़ी राहत दी गई है।
– छत्तीसगढ़ टॉप न्यूज
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