केलो में ओपी चौधरी को तैरते देख डूबने लगी कांग्रेस की नाव: विकास केडिया फोटो से नहीं फाइल और फील्ड से होता है विकास, कांग्रेस बताए 5 काम
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रायगढ़। कांग्रेस जिलाध्यक्ष अनिल शुक्ला (शाखा) यादव के बयान को हास्यास्पद बताते हुए भाजपा महामंत्री विकास केडिया ने पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की पूरी राजनीति परिवारवाद और फोटो सेशन से शुरू होकर भ्रष्टाचार पर खत्म हो जाती है।
केडिया ने कहा कि सेवा संकल्प अभियान में वित्त मंत्री ओपी चौधरी कैमरे के लिए नहीं, बल्कि केलो नदी की सफाई के लिए खुद पानी में उतरकर तैर रहे हैं। यही तो सेवा है। कांग्रेस को इसमें दिखावा नजर आ रहा है क्योंकि कांग्रेस ने 5 साल तक केलो को सिर्फ गंदा होते देखा। पहली बार कोई जनप्रतिनिधि खुद नदी में उतरकर सफाई करा रहा है तो कांग्रेस को अपनी नाव डूबती नजर आ रही है।
केलो आरती का ढोंग बनाम सफाई का कर्मयोग
केडिया ने कहा कि कांग्रेस ने केलो आरती के नाम पर आस्था से खिलवाड़ किया। आस्था के नाम पर एक दिन दिया जलाकर फोटो खिंचवाई और चले गए, पीछे केलो वैसी की वैसी गंदी रही। वहीं ओपी चौधरी ने स्वयं तैरकर साबित किया कि सफाई कैसे होती है। फर्क साफ है – कांग्रेस ने किनारे पर दिया जलाकर फोटो खिंचवाई, ओपी चौधरी ने पानी में उतरकर सफाई कर जनता को संदेश दिया।
भूपेश के 5 साल में 5 ईंट नहीं, ओपी ने ढाई साल में रचा इतिहास
केडिया ने चुनौती देते हुए कहा कि भूपेश बघेल के 5 साल में शहर सरकार, विधायक, मंत्री, प्रदेश सरकार सब कांग्रेस के होने के बावजूद कांग्रेस 5 बड़े काम गिना दे। भूपेश राज में सड़कें नहीं, गड्ढों की सड़कें थीं। ओपी चौधरी ने रायगढ़-घरघोड़ा फोरलेन, शहर की चकाचक सड़कें, ढिमरापुर टेंडर, शिक्षा, खेल, स्वास्थ्य में 100% वादा निभाया है। यह फोटो नहीं, फाइल और जमीन पर दिख रहा है।
उन्होंने कहा कि डेंगू का जिक्र करने वाली कांग्रेस याद करे, भूपेश राज में हर साल डेंगू गरीब की जान लेता था। पिछले दो साल में भाजपा सरकार आने के बाद रायगढ़ में डेंगू से एक भी मौत नहीं हुई क्योंकि सफाई फेसबुक पोस्ट से नहीं, केलो में उतरने से होती है।
केडिया ने कहा कि कांग्रेस कहती है सेवा का मंच मोहल्ला है, तो मोहल्ले में जनता खुद बता देगी कि स्ट्रीट लाइट जल रही है या नहीं। गीता के ‘कर्मण्येवाधिकारस्ते’ का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कांग्रेस कर्म से भागती है और प्रचार को कर्म बताती है। ओपी चौधरी कर्म में उतरते हैं, इसलिए उन्हें प्रचार की जरूरत नहीं।
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