सेवा की कहानी: हुनर बना सहारा, बलरामपुर की मंती आयम हर महीने कमा रहीं 5-6 हजार
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रायपुर/बलरामपुर, 14 अक्टूबर 2026/ नवरात्रि नारी शक्ति के सम्मान का पर्व है। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ जनसंपर्क विभाग की ‘सेवा की कहानी’ श्रृंखला में बलरामपुर जिले के ग्राम कुशफर की श्रीमती मंती आयम की प्रेरक कहानी सामने आई है, जिन्होंने अपने हुनर को आत्मनिर्भरता का आधार बनाया है।
घर-परिवार की जिम्मेदारियों के बीच मंती चाहती थीं कि अपनी कमाई से परिवार का सहारा बन सकें। इसी सोच के साथ उन्होंने संसदीय संकुल विकास परियोजना के तहत सिलाई-कढ़ाई का प्रशिक्षण प्राप्त किया। प्रशिक्षण के बाद उन्होंने गांव में ही सिलाई का काम शुरू किया।
आज मंती आयम गांव में ही सिलाई का काम करके हर महीने 5,000 से 6,000 रुपये की अतिरिक्त आय अर्जित कर रही हैं। इस कमाई से वे घर की जरूरतें पूरी करने के साथ बच्चों की पढ़ाई में भी हाथ बंटा रही हैं।
मंती का कहना है कि इस कमाई से घर की जरूरतें पूरी करने और बच्चों की पढ़ाई में हाथ बंटाने का सुकून मिलता है। उनकी यह सफलता गांव की अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणा बन रही है।
उल्लेखनीय है कि सुशासन सरकार महिलाओं के हुनर को स्वावलंबन से जोड़कर उनके सपनों को नई उड़ान दे रही है। ‘शक्ति वंदन, नारी शक्ति का अभिनंदन’ थीम पर आयोजित 25वां सेवा संकल्प अभियान महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण को बढ़ावा दे रहा है।
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