*महाराजा चक्रधर सिंह की विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचा रहा चक्रधर समारोह : राज्यपाल रमेन डेका*
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रायगढ़, 14 सितंबर 2026/ छत्तीसगढ़ के राज्यपाल श्री रमेन डेका ने सोमवार को महाराजा चक्रधर प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर 41वें अंतर्राष्ट्रीय चक्रधर समारोह का भव्य शुभारंभ किया।
राज्यपाल ने कहा – यह आयोजन केवल कला प्रस्तुतियों का मंच नहीं, बल्कि महाराजा चक्रधर सिंह की कला-साधना और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का माध्यम है। रायगढ़ घराने के कथक ने देश ही नहीं, अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई है। महाराजा ने राज-सिंहासन से ऊपर कला को रखा। उनकी कृतियां ‘नर्तन सर्वस्व’, ‘तालतोय निधि’ और ‘राग रत्न मंजूषा’ आज भी अमूल्य धरोहर हैं।
उन्होंने कहा कि चक्रधर समारोह अब शासकीय आयोजन नहीं, रायगढ़ की सांस्कृतिक धड़कन बन चुका है। पंथी, राउत नाचा, भरथरी, सुआ, करमा जैसे लोक नृत्य हमारी विविधता में एकता की पहचान हैं।
14 से 23 सितंबर तक रामलीला मैदान में देश-प्रदेश के ख्याति प्राप्त कलाकारों और स्थानीय प्रतिभाओं द्वारा गायन, वादन, नृत्य और लोककला की प्रस्तुतियां दी जाएंगी।

ग्रंथों के संरक्षण पर जोर –
राज्यसभा सांसद श्री देवेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि महाराजा चक्रधर सिंह की रचनाओं के संरक्षण और प्रकाशन का विषय उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के समक्ष रखा है, जिस पर विशेष रुचि दिखाई गई है।

लोकसभा सांसद श्री राधेश्याम राठिया ने कहा कि समारोह रायगढ़ की गौरवशाली सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक है।
शुभारंभ अवसर पर राज्यपाल ने पद्मश्री डॉ. उषा बारले, पद्मश्री श्री अनुज शर्मा सहित कलाकारों और स्व. वेदमणि सिंह ठाकुर के शिष्यों का सम्मान किया। महापौर श्री जीवर्धन चौहान और कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी ने सभी के सहयोग के लिए आभार जताया।
पहली शाम की शुरुआत गणेश वंदना से हुई।
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