*”एक देश, एक विधान, एक निशान ..73वें बलिदान दिवस पर ओपी चौधरी ने कहा – मोदी जी ने मुखर्जी जी का सपना साकार किया* – Chhattisgarh Top News

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*”एक देश, एक विधान, एक निशान ..73वें बलिदान दिवस पर ओपी चौधरी ने कहा – मोदी जी ने मुखर्जी जी का सपना साकार किया*

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रायगढ़:- देश की एकता और अखंडता के प्रखर उपासक, भारतीय जनसंघ के संस्थापक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जी के 73वें बलिदान दिवस पर छत्तीसगढ़ शासन के वित्त मंत्री एवं रायगढ़ विधायक ओपी चौधरी ने श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए मीडिया को दिए बयान में कहा आज का दिन केवल श्रद्धांजलि का दिन नहीं है, बल्कि संकल्प दोहराने का दिन है। डॉ. मुखर्जी ने “एक देश, एक विधान, एक निशान, एक प्रधान” के सिद्धांत के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया। 1953 में कश्मीर में बिना परमिट प्रवेश करने के कारण उन्हें जेल में डाल दिया गया और 23 जून 1953 को रहस्यमय परिस्थितियों में उनका निधन हो गया। उनका बलिदान व्यर्थ नहीं गया। मुखर्जी जी का योगदान और सपने का जिक्र करते हुए ओपी चौधरी कहा उन्हें राष्ट्रवादी शिक्षा का प्रणेता माना जाता है। वे कोलकाता विश्वविद्यालय के सबसे युवा कुलपति बने। शिक्षा को राष्ट्र निर्माण का आधार माना। स्वतंत्र भारत के पहले मंत्रिमंडल में उद्योग एवं आपूर्ति मंत्री रहे। भारत के औद्योगिक विकास की नींव रखी। जनसंघ के संस्थापक पंडित श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने 1951 में भारतीय जनसंघ की स्थापना कर “एकात्मक भारत” का नारा दिया। उनका स्पष्ट मत था कि कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है और वहां दो विधान, दो प्रधान, दो निशान नहीं चल सकते। अखंड भारत के उपासक मुखर्जी जी ने बंगाल विभाजन का विरोध कर लाखों हिंदुओं को पाकिस्तान जाने से बचाया। देश की अखंडता के लिए जीवन समर्पित कर दिया। प्रधान मंत्री मोदी जी ने सही मायने में पंडित श्यामा प्रसाद मुखर्जी के सपनो को साकार किया।
वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जी ने जो सपना देखा और जिसके लिए बलिदान दिया, आज वह सार्थक हुआ है। आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के दूरदर्शी और दृढ़ नेतृत्व में 5 अगस्त 2019 को अनुच्छेद 370 समाप्त हुआ। जम्मू-कश्मीर और लद्दाख केंद्र शासित प्रदेश बने। धारा 370 का हटना केवल एक कानून का अंत नहीं था, यह डॉ. मुखर्जी जी को दी गई सच्ची श्रद्धांजलि थी। आज श्यामा जी का बलिदान का रंग लाया। आज कश्मीर में तिरंगा शान से लहराता है, वहां एक ही संविधान, एक ही कानून लागू होता है। यही डॉ. मुखर्जी का सपना था। ओपी चौधरी ने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जी की राष्ट्रप्रेम और देश की एकता के प्रति अटूट प्रतिबद्धता आज भी करोड़ों कार्यकर्ताओं के लिए प्रेरणा स्रोत है। उनका जीवन हमें सिखाता है कि राष्ट्रहित सर्वोपरि है। व्यक्तिगत सुख-सुविधा त्यागकर देश के लिए जीना ही सच्ची देशभक्ति है। आज भारत मोदी जी के नेतृत्व में विश्वगुरु बनने की ओर अग्रसर है। डॉ. मुखर्जी का ‘अखंड और आत्मनिर्भर भारत’ का सपना साकार हो रहा है। हम सभी का दायित्व है कि उनके दिखाए मार्ग पर चलते हुए देश को एकता के सूत्र में बांधें।

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