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*धान खरीदी: उपार्जन केंद्रवार मॉनिटरिंग हेतु जिला अधिकारियों को दिया गया प्रशिक्षण*

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रायगढ़, 6 नवम्बर 2025/ शासन के निर्देशानुसार एवं कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी के मार्गदर्शन में जिले में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी का कार्य 15 नवम्बर से प्रारंभ होगा। उपार्जन केंद्रवार मॉनिटरिंग और सतत निगरानी सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिला स्तरीय अधिकारियों का एक दिवसीय प्रशिक्षण कलेक्टोरेट सभाकक्ष में आयोजित किया गया, जिसमें धान खरीदी से संबंधित सभी तकनीकी और व्यवस्थागत पहलुओं पर विस्तार से जानकारी दी गई। प्रशिक्षण में अधिकारियों को धान उपार्जन नीति, उपार्जन केन्द्रों का भौतिक सत्यापन, इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर, तुंहर टोकन मोबाइल ऐप, चेक पोस्ट व्यवस्था और गुणवत्ता परीक्षण के विभिन्न बिंदुओं पर विस्तार से जानकारी दी गई।
जिला खाद्य अधिकारी श्री चितरंजन सिंह ने बताया कि किसानों से नगद एवं लिकिंग में धान खरीदी 15 नवम्बर से 31 जनवरी 2026 तक की जाएगी। धान खरीदी की अधिकतम सीमा 21 क्विंटल प्रति एकड़ (लिकिंग सहित) निर्धारित की गई है। खरीदी प्रक्रिया को और सुगम बनाने के लिए अब किसानों को उपार्जन केंद्रों में ऋण पुस्तिका लाने की आवश्यकता नहीं होगी। किसानों की ऋण पुस्तिका का डेटा एग्रीस्टेक पोर्टल से सीधे जुड़ा रहेगा, जिससे उनकी पहचान व पात्रता स्वतः सत्यापित हो जाएगी। इससे किसानों को सुविधा मिलेगी और खरीदी प्रक्रिया में पारदर्शिता भी सुनिश्चित होगी।
जिले की 69 समितियों के 105 उपार्जन केंद्रों में धान खरीदी की जाएगी। अवैध धान परिवहन पर नियंत्रण के लिए 10 अंतराज्यीय एवं 15 आंतरिक चेक पोस्ट स्थापित किए गए हैं। इन चेक पोस्टों पर 24 घंटे निगरानी के लिए तीन-तीन पालियों में चार टीमें तैनात की गई हैं। खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में संस्थागत पंजीयन, भूमिहीन किसान, डुबान क्षेत्र, वन अधिकार पट्टा धारक और ग्राम कोटवार वर्ग के किसानों को पंजीयन से छूट दी गई है। धान विक्रय की राशि किसानों को डिजिटल माध्यम से सीधे उनके बैंक खातों में जमा की जाएगी।
तुंहर टोकन ऐप से पारदर्शी और सुव्यवस्थित खरीदी प्रक्रिया
धान खरीदी को पारदर्शी और सुव्यवस्थित बनाने के लिए टोकन जारी करने की प्रक्रिया ‘तुंहर टोकन’ मोबाइल ऐप के माध्यम से प्रतिदिन सुबह 8 बजे से प्रारंभ की जाएगी। सोसायटी संचालक सुबह 9.30 बजे से टोकन जारी कर सकेंगे, जो अगले 7 खरीदी दिवसों के लिए वैध रहेंगे। प्रत्येक टोकन में धान की मात्रा पंजीकृत रकबे से अधिक नहीं होगी। लघु एवं सीमांत किसानों को अधिकतम 2 टोकन तथा बड़े किसानों को अधिकतम 3 टोकन जारी किए जा सकेंगे। पारदर्शिता सुनिश्चित करने हेतु आधार आधारित ओटीपी प्रमाणीकरण अनिवार्य किया गया है, जिससे किसान की सहमति के बिना कोई भी टोकन जारी नहीं हो सकेगा।
शिकायतों के समाधान हेतु टोल फ्री नंबर जारी
धान उपार्जन और कस्टम मिलिंग से संबंधित समस्याओं के समाधान के लिए खाद्य विभाग द्वारा टोल फ्री नंबर 1800-233-3663 जारी किया गया है। यह कॉल सेंटर राज्य स्तरीय नियंत्रण कक्ष के रूप में कार्य करेगा। सभी उपार्जन केंद्रों में इस नंबर का प्रमुखता से प्रदर्शन किया जाएगा, ताकि किसान एवं संबंधित व्यक्ति आसानी से अपनी शिकायतें दर्ज करा सकें। प्राप्त शिकायतों का निराकरण तीन दिवस के भीतर किया जाएगा।

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