*पद्मश्री स्व. डॉ. सुरेन्द्र दुबे की स्मृति में 3 सितंबर को होगा विशेष काव्य संध्या का आयोजन*
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रायगढ़ 31 अगस्त 2025/ चक्रधर समारोह के मंच को अपनी हास्य व्यंग्य की साहित्यिक प्रतिभा से कई बार विभूषित कर चुके, देश विदेश तक छत्तीसगढ़ का नाम पहुंचाने वाले पद्मश्री स्व.डॉ. सुरेन्द्र दुबे की स्मृतियों को समर्पित एक विशेष काव्य संध्या का आयोजन होने जा रहा है। काव्य पाठ का यह कार्यक्रम समारोह के आठवें दिन 3 सितंबर को आयोजित होगा। इस कार्यक्रम में प्रदेश के ख्यातिप्राप्त कवि अपनी ओजपूर्ण, व्यंग्यात्मक और हास्य रचनाओं से श्रोताओं को भाव-विभोर करेंगे। इस कार्यक्रम में गीतकार कवि श्री किशोर तिवारी, वीर रस के कवि श्री देवेन्द्र परिहार, हास्य, व्यंग्य पेरोडी संचालन श्री पद्मलोचन मुंहफट, व्यंग एवं गीत शशि सुरेन्द्र दुबे, वीर के कवि श्री नरेन्द्र गुप्ता, हास्य रस के कवि बंशीधर मिश्रा एवं श्री अभिषेक पांडे शिरकत करेंगे।
ख्याति प्राप्त गीतकार श्री किशोर तिवारी जिनकी रचनाएं श्रोताओं के दिलों को छू जाती है। वहीं वीर रस के प्रभावशाली कवि देवेन्द्र परिहार ओज और जोश से मंच को ऊर्जावान बनाएंगे। हास्य, व्यंग्य और पेरोडी शैली में संचालन कर पद्मलोचन मुंहफट श्रोताओं को हँसी से लोटपोट करेंगे। गीत और व्यंग्य से जुड़ी कवियत्री शशि सुरेन्द्र दुबे अपनी विशिष्ट शैली से श्रोताओं को गुदगुदाने के साथ सोचने पर भी विवश करेंगी। वीर रस के सशक्त कवि नरेन्द्र गुप्ता की कविताएं देशभक्ति और पराक्रम की भावना जगाएंगी। हास्य रस के कवि बंशीधर मिश्रा की चुटीली कविताएं माहौल को खुशनुमा बनाएंगी। हास्य रस के कवि अभिषेक पांडे जिनकी हास्य रचनाएं समकालीन व्यंग्य से सराबोर होंगी।
पिछले वर्ष चक्रधर समारोह के समापन में हुए थे शामिल
उल्लेखनीय है कि डॉ सुरेन्द्र दुबे गत वर्ष आयोजित 39 वें चक्रधर समारोह के समापन में आयोजित कवि सम्मेलन में शामिल हुए थे। अपने चिर परिचित अंदाज में पैनी और चुटीली कविताओं से श्रोताओं को खूब गुदगुदाया था। अब वे हमारे बीच नहीं रहे लेकिन उनकी कला साधना सदैव स्मृतियों में अंकित और अविस्मरणीय रहेगी। चक्रधर समारोह में उनको समर्पित विशेष काव्य संध्या के माध्यम से समारोह का मंच उनके साहित्यिक सफर और योगदानों और उपलब्धियों को नमन करेगा।
मशहूर कवयित्री शशि सुरेंद्र दुबे करेंगी काव्य पाठ
शशि सुरेंद्र दुबे छत्तीसगढ़ की जानीमानी कवयित्री हैं। वे स्व.डा. सुरेन्द्र दुबे जी की धर्मपत्नी हैं। उन्होंने सब टीवी के धारावाहिक ‘वाह वाह क्या बात है’ समेत अनेक मंचों पर काव्य पाठ किया है। उन्होंने ‘पट्टी खोलो गांधारी’ काव्य संग्रह का लेखन किया है एवं दूरदर्शन में भी काव्य पाठ किया है।
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