सराईपाली गेरवानी धान खरीदी केंद्र में सरकारी नियमों की उड़ाई जा रही है धज्जिया…
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रायगढ़/ सराईपाली सहकारी समिति धान खरीदी केंद्र प्रभारी के द्वारा घोर लापरवाही बरती जा रही है, सूत्रों के द्वारा जानकारी मिली जानकारी के अनुसार सराईपाली गेरवानी धान खरीदी केंद्र में अधिक तौल से लेकर बिना जाँच किये सीधे ट्रेक्टर से धान बोरी से बोरी पलटी किया जा रहा है, तभी हमारी छत्तीसगढ़ टॉप न्यूज़ की टीम दिनांक 02-01-2023 को वास्तविकता जानने के लिए वहां पहुंची और पाया गया की धान खरीदी में कई नियमो का उल्लंघन किया जा रहा है, जिसमे मुख्यतः हमारी टीम के द्वारा कवरेज में पाया गया की बिना धान को ढेरी किये ट्रेक्टर में ही बोरी से बोरी धान को पलटी किया जा रहा था, और धान तौलाई में भी बड़ी गड़बड़ी देखने को मिली जिसमे धान खरीदी के नियमानुसार धान को ढेरी कराकर और धान की जाँच कर नियमानुसार सही पाए जाने पर बोरी भरकर प्रत्येक बोरी में 40 किलोग्राम प्रति बोरी की हिसाब से धान खरीदी करना है, जबकि वास्तविकता इसके विपरीत है, सराईपाली धान केंद्र खरीदी में 41 किलो 200 ग्राम धान तौल किया जा रहा है, जबकि वास्तविक खरीद 40 किलो और बारदाने का 500 ग्राम में भी प्रति बोरी घटा दिया जाये तो भी 700 ग्राम प्रति बोरी के हिसाब से ज्यादा लिया जा रहा है, सराईपाली गेरवानी धान खरीदी केंद् का कुल धान खरीदी वर्ष 2023-24 में 48,000 हजार क्विंटल खरीदी करना है, जिसमे प्रति बोरे के हिसाब से आंकड़ा निकला जाये और प्रति बोरी आधे-आधे किलो का भी अनुमान लगाया जाये तो सहकारी समिति प्रभारी के द्वारा लाखो रुपये की अतिरिक्त मोटी कमाई बनती है आखिर ऐसे समिति प्रबंधको पर कार्यवाही क्यों नहीं होती सवाल यह भी उठता है, कैसे शासन प्रशासन की नजर नहीं पड़ती है यह तो सोचने वही बात है, खबर प्रकाशन के बाद भी ऐसे भष्ठ प्रबंधको पर कार्यवाही कब ?
किसानो द्वारा जब धान मंडी लेके आते है, तो खुद अपना अपना इलेक्ट्रॉनिक कांटा साथ लेके आते है। स्वयं अपना धान तौल करते है, हमारे टीम के द्वारा पूछा गया तो किसानो ने द्वारा बोला गया की सराईपाली गेरवानी धान मंडी में सभी बड़े किसान स्वयं अपना इलेक्ट्रॉनिक कांटा साथ लेके आते है। जिससे की तौल जल्दी हो सके।

क्या कहते है धान खरीदी प्रबंधक..
हमारे द्वारा सराईपाली धान खरीदी केंद्र लखन पटेल को संपर्क करने की कोशिश की गई धान मंडी में न होने के कारण दूरभाष के माध्यम से संपर्क किया गया और सम्बंधित मामले के बारे में पूछा गया तो बोला गया की 41 किलो बारदाने सहित धान तौलाई के लिए बोला गया है, और धान को बिना ढेरी किये यहाँ ऐसे ही खरीदी होता है, किसान अपना इलेक्ट्रॉनिक कांटा खुद लेके हर साल आता है।
क्या कहते है सहकारी समिति उपपंजीयक..
सम्बंधित मामले की जानकारी के लिए हमारी टीम दूरभाष के माध्यम से संपर्क किया गया लेकिन सहकारी समिति उपपंजीयक जायसवाल के द्वारा कॉल रिसीव नहीं किया गया।
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