जशपुरनगर पतरापाली के चमेली स्व सहायता समूह के लिए मछली पालन बना सामुहिक आजीविका का स्त्रोत… – Chhattisgarh Top News

Chhattisgarh Top News

Latest Online Breaking News

जशपुरनगर पतरापाली के चमेली स्व सहायता समूह के लिए मछली पालन बना सामुहिक आजीविका का स्त्रोत…

😊 Please Share This News 😊

छत्तीसगढ़ टॉप न्यूज़ जशपुरनगर, समूह का अब तक 60 हजार रूपए का हो चुका है आमदनी ग्राम पंचायत के तालाब में किया जा रहा है मछली पालन का कार्य, सप्ताहिक बाजार में किया जाता है बिक्री आमदनी ग्राम पंचायत के तालाब में किया जा रहा है मछली पालन का कार्य, सप्ताहिक बाजार में किया जाता है बिक्री छत्तीसगढ़ राज्य आजीविका मिशन बिहान योजना के अंतर्गत् संचालित पत्थलगांव विकासखण्ड के पतरापाली के चमेली स्व सहायता समूह ने मछली पालन को सामुहिक आजीविका का स्रोत बना लिया है। ग्राम पंचायत पतरापाली में कुल 22 समूह है। इसके आधार पर 2 ग्राम संगठन भी बने हैं चमेली स्व सहायता समूह एक संगठित व सक्रिय समूह है। जिसमें अलग-अलग जाति समुदाय के सदस्य सम्मिलित हैं। इस समूह के सदस्य आपस में मिलजुल कर कार्य करते हैं। आवश्यकता पड़ने पर एक दूसरे का सहयोग करने से पीछे नहीं हटते हैं समूह के सदस्यों में अच्छा तालमेल पारदर्शिता होने के कारण समूह प्रगति की ओर है।
स्व सहायता समूह के द्वारा ग्राम पंचायत में स्थित तालाब में मत्स्य विभाग के समायोजन से तालाब में मछली बीज डाला गया है इसके लिए समय-समय पर आवश्यक जानकारी व मछली हेतु चारा इत्यादि भी दिया जाता है तथा समूह के द्वारा मछली पकड़ने का कार्य स्वयं से किया जाता है। प्रत्येक साप्ताहिक लगने वाली बाजार में मत्स्य की बिक्री कर दी जाती है। इस प्रकार से सामूहिक आमदनी लगभग 60 हजार रुपये हो चुके हैं। समूह भी पूर्ण रूप से आर्थिक रूप से मजबूत व आय के स्रोत में अग्रसर है।
उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ शासन द्वारा गौठानों को स्वावलंबी बनाने के लिए सार्थक प्रयास किया जा रहा है और स्व सहायता समूह की महिलाओं को प्रशिक्षण देकर रोजगार से जोड़ा जा रहा है। गौठानों में मुर्गी पालन, बकरी पालन, मशरूम उत्पादन, बांस की टोकरी निर्माण, बटेर पालन, बाड़ी विकास, साग सब्जी का उत्पादन, राईस मिल, पोल निर्माण, सरसो तेल, हेचरी पालन, सेनेटरी पेड निर्माण सहित अन्य गतिविधियों में शामिल करके समूह की महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है। जिला पंचायत के एनआर.एल.एम. बिहान द्वारा भी स्व सहायता समूह के महिलाओं को सशक्त बानने के उद्देश्य से आर्थिक गतिविधियों में जोड़ने का कार्य निरंतर किया जा रहा है। ताकि महिलाएं आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन सके। जिले के विभिन्न विभागों द्वारा भी रीपा के तहत् परिवारों और समूह की महिलाओं को विभाग की योजना से लाभान्वित कर अतिरिक्त आमदनी अर्जित करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।

व्हाट्सप्प आइकान को दबा कर इस खबर को शेयर जरूर करें 

स्वतंत्र और सच्ची पत्रकारिता के लिए ज़रूरी है कि वो कॉरपोरेट और राजनैतिक नियंत्रण से मुक्त हो। ऐसा तभी संभव है जब जनता आगे आए और सहयोग करे

Donate Now

[responsive-slider id=1466]
error: Content is protected !!