◆ आखिर अंतराज्यीय गौतस्करी को लैलूंगा क्षेत्र में किसका संरक्षण प्राप्त?… ◆ सेटिंग से ही हो रहा है तस्करी का खेल..!!पहुंच रखने वाले सफेदपोश भी इस गोरखधंधे में शामिल…!! – Chhattisgarh Top News

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◆ आखिर अंतराज्यीय गौतस्करी को लैलूंगा क्षेत्र में किसका संरक्षण प्राप्त?… ◆ सेटिंग से ही हो रहा है तस्करी का खेल..!!पहुंच रखने वाले सफेदपोश भी इस गोरखधंधे में शामिल…!!

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रायगढ़। छत्तीसगढ़ सरकार की महत्वाकांक्षी गोधन न्याय योजना देश-दुनिया के लिए नजीर बन गई है। देश के कृषि क्षेत्र में छत्तीसगढ़ की गोधन न्याय योजना को एक सफल और मजबूत योजना के रूप में सराहा जा रहा है। गांव-गांव में की जा रही गोबर खरीदी और जैविक खाद के सतत निर्माण एवं उपयोग से राज्य में जैविक खेती को बढ़ावा मिला है। वहीं दूसरी ओर लगातार होती गौवंशो की तस्करी पर भी अंकुश लगता नजर नहीं आ रहा है।

गौठान का निर्माण का मुख्य उद्देश्य गौ संवर्धन व संरक्षण है।साथ ही माननीय मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की सबसे महत्वाकांक्षी योजना में से एक है। बूचड़खाने में गौतस्करी से कैसे संरक्षण व संवर्धन सफल होगा गौमाता का ??

वहीं गौ सेवा आयोग अध्यक्ष ने लैलूंगा प्रवास के दौरान गौ तस्करी रोकने को लेकर अपना नंबर देते हुए कहा था कि 24 घंटे में कभी भी कॉल कर सकते हैं। परन्तु विडंबना यह है कि कॉल करने पर कॉल उठता ही नही है।माननीय अध्यक्ष द्वारा गौ अभ्यारण बनाने की बात भी मौके पर कही थी जो कि केवल बोलने के लिए ही था, अमलीजामा पहनाने आज तक जमीन ही चिन्हांकित नही की गयी है।

जानिए पूरा मामला।

17 जून 2023 की रात में घरघोडा रोड़ से पिकअप गाड़ी में ठूस ठूस कर गाय 9 रास व बछिया 02 रास कुल 11 गौवंश सहित गाड़ी का पीछा करके लैलूंगा तक लाया गया। उन तस्कर को उनके साथी तुरंत सूचना देने से पेट्रोल पंप से यू टर्न लेकर वापस केसला रोड होते हुये पिपराही से निकल कर पोकड़ेगा के रास्ते हो कर भागने का कोशिश में लेकिन रास्ता खत्म होने के कारण तस्करों को कोई उपाय नहीं सूझा और पिकप को खेत में छोड़कर भाग निकला।

बताया जा रहा है कि यह तस्करी लैलूंगा के कुछ स्थानीय लोग के सह पर जोरो पर चल रहा है। इस तस्करों की गाड़ीयों को स्थानीयों द्वारा आगे पीछे करके लैलूंगा को पार कराया जाता है। इसकी जांच सूक्ष्मता से हो तो इस गोरख धंधे में बड़े आदमी का नाम सामने आने की सुगबुगाहट है ।

यह घटना लगभग रात्रि 12. 30 बजे के आस पास की बताई जा रही है। जहां गौसेवकों (शिव भगत ,जय सिदार, संजय कुजूर, सोहन गुप्ता, श्याम भगत, अनीश सारथी, जयंत प्रधान, छमेश महन्त, मुकेश चौहान) के द्वारा मवेशी तस्करों को रोक करके अपनी जान जोखिम में डालकर गोवंश को बूचड़खाने ले जाने से बचा लिया गया है और गौवंशो को गौशाला सलखिया को किया गया सुपुर्द किया गया जहां 6 गौवंशो की हालत गंभीर बनी हुई है। डॉ ललित विश्वाल पशु चिकित्सक एवं उनकी टीम द्वारा गौवंशो का इलाज जारी है।

“मिली जानकारी के अनुसार लैलूंगा थानेदार उल्टा बरस पड़े इन गौ सेवकों के ऊपर और अभद्र  व्यवहार का भी आरोप लगा है ।आला अधिकारियों को बताने पर भी गौ तस्करों के ऊपर लगाम नहीं लगाई जा रही है। यहां सोशल पुलिसिंग की धज्जियां थानेदार उड़ाते नजर आ रहे हैं ।”

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