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*युक्तियुक्तकरण की पहल से नियमित हुई कक्षाएं, छात्रों को मिल रहा सीधा लाभ*

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रायगढ़, 9 सितम्बर 2025/ छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा राज्य के शिक्षक विहीन और एकल शिक्षकीय विद्यालयों में किए गए युक्तियुक्तकरण के प्रयास शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में सकारात्मक कदम साबित हो रहा है। छत्तीसगढ़ के दूर-दराज और आदिवासी इलाकों में अनेक प्राथमिक विद्यालय ऐसे थे जो एकल शिक्षकीय थे अथवा कई स्कूलों में विषय-विशेषज्ञ शिक्षकों की कमी थी। इससे विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही थी। युक्तियुक्तकरण के तहत ऐसे विद्यालयों में शिक्षकों की पदस्थापना से न केवल विद्यालयों में नियमित पठन-पाठन शुरू हुआ, बल्कि बच्चों की उपस्थिति भी बढ़ी। युक्तियुक्तकरण की इस पहल का सीधा लाभ उन छात्रों को मिल था है, जिनकी पढ़ाई शिक्षकों की कमी के चलते बाधित हो रही थी।
धरमजयगढ़ विकासखंड के सुदूर ग्राम-कुम्हीचुंआ के प्राथमिक शाला में 105 छात्र अध्ययनरत हैं, लेकिन यह शाला लंबे समय से शिक्षक विहीन था। जिससे छात्रों की पढ़ाई पर बुरा असर पड़ रहा था। युक्तियुक्तकरण की प्रक्रिया से इस शाला को चार नए शिक्षक प्राप्त हुए हैं। इससे न केवल कक्षा पहली से 5 वीं तक की पढ़ाई फिर से पटरी पर लौटी है, बल्कि बच्चों के भविष्य की दिशा भी अब उज्ज्वल दिखाई दे रही है। पदस्थ शिक्षकों द्वारा नियमित कक्षाएं ली जा रही है। जिससे बच्चों में पढ़ाई को लेकर रुचि और अनुशासन बढ़ा है। बच्चों की उपस्थिति में वृद्धि देखने को मिल रही है।
युक्तियुक्तकरण के पश्चात एकल शिक्षकीय विद्यालयों में शिक्षक मिलने की खुशी बच्चों के साथ-साथ पालकों के चेहरों पर भी साफ दिखाई दे रही है। इसका स्पष्ट उदाहरण तमनार ब्लॉक के प्राथमिक शाला गुडग़ुड़ में देखने को मिला, जहां युक्तियुक्तकरण के तहत एक शिक्षिका की पदस्थापना की गई है। वर्तमान में इस विद्यालय में 32 विद्यार्थी स्कूल में तथा 5 बच्चे बालवाड़ी में अध्ययनरत हैं, इस प्रकार कुल 37 बच्चे शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। पहले विद्यालय में केवल एक ही शिक्षक था, जिससे सभी कक्षाओं को समान रूप से समय देना संभव नहीं हो पाता था, और इसका प्रतिकूल प्रभाव पढ़ाई की गुणवत्ता पर पड़ता था। लेकिन अब युक्तियुक्तकरण के चलते सभी कक्षाएं सुचारू रूप से संचालित हो रही हैं। गांव के श्री रामुदास महंत ने बताया कि इस प्रक्रिया के तहत उनके गांव के विद्यालय में एक नई शिक्षिका की नियुक्ति हुई है, जिससे न केवल बच्चों को लाभ मिला है, बल्कि पालकों में भी संतोष देखा जा रहा है। शाला प्रबंधन समिति के अध्यक्ष श्री महेंद्र दास महंत ने बताया कि शासन द्वारा किए गए युक्तियुक्तकरण से क्षेत्र की कई शालाओं को लाभ हुआ है, जहां नए शिक्षक मिले हैं। उनका विद्यालय भी उनमें से एक है, जो पिछले दो वर्षों से एकल शिक्षकीय था। अब नई शिक्षिका की पदस्थापना से विद्यालय में पढ़ाई की स्थिति में स्पष्ट सुधार हुआ है।

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