खड़गांव धान खरीदी केंद्र में किसानों से लिया जा रहा ज्यादा तौल…
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रायगढ़. विधानसभा चुनाव के बाद लंबी-लंबी घोषणाओं के पश्चात किसानों के धान की खरीदी की प्रक्रिया सरकार गठन होने के बाद अब शुरू हो चुकी है धान खरीदी केंद्रों पर किसान बड़ी संख्या में
पहुंच रहे हैं।
इस बीच प्रबंधकों द्वारा किसानों के साथ नापतोल के माध्यम से छलपूर्वक अधिक धान तौला जा रहा है। प्रशासन द्वारा धान खरीदी के लिए सहकारिता का नियम बनाया गया है। जिसमें 40 किलो की दर से एक बोरे की तौलाई की जाती है। व बारदाने का वजन मैनेज करने के लिए नया बारदाना है। तो 500 ग्राम, व पूराना बारदाना हो तो 600 ग्राम तक धान अधिक लेना होता है।
के हिसाब से तौलाई के समय एक बारदाना अलग से तराजू के ऊपर रखा जाता है। लेकिन धान खरीदी केंद्र सहकारी समिति खड़गांव में शासन के इस नियम का पूरी तरह से उल्लंघन किया जा रहा है। मौके पर हमारी टीम ने जांच किया तो पाया कि तौलाई के समय धान की दो से तीन बाेरियों को रखकर किसानों के धान की तौलाई की जा रही थी, इस प्रक्रिया से किसानों के धान और तौल के बीच कम से कम 1 किलो 200 ग्राम तक अधिक बोरी में तौल कर रखा जा रहा है। आखिर शासन के नियमों को दरकिनार कर इस तरह से अधिक तौल लेना प्रशासकीय नियमों को अनदेखा कर रहे हैं। इस तरह से खुलेआम धान की तौलाई में गड़बड़ी करना खड़गांव सहकारी समिति की कार्यशैली पर कई सवाल खड़े करता है। क्या खड़गांव सहकारी समिति को प्रशासकीय नियम के उल्लंघन का डर नहीं है। या कौन से वो लोग हैं। जिनके वरदहस्त उनके ऊपर होने से प्रशासन का डर खत्म हो गया है। इस घटना को अवगत कराने के लिए हमारे द्वारा उप पंजीयक (डीआर) जायसवाल जी को फोन के माध्यम से संपर्क किया गया परंतु उनके द्वारा काल रिसिव नहीं किया गया। खरसिया ब्लाक के ग्राम खड़गांव समिति प्रबंधक धनेश्वर प्रसाद झरिया से मामले को लेकर चर्चा किया गया तो उनका कहना
था। कि तराजू वाले तौल में ऊपर नीचे हो जाता है। सब तौल एक बराबर नहीं हो सकता। वहीं हमारे द्वारा तौलने वाले बाट में कुछ कमी होने की बात कही गई तो उन्होंने बाट में कोई कमी नहीं होने की बात कही। और बाट नापतौल विभाग से सत्यापित होने की जानकारी दी।
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