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कछार धान खरीदी केंद्र में हर 40 किलो की बोरी में 700 ग्राम से एक किलो 200 ग्राम धान ज्यादा…

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रायगढ़, 27 दिसंबर 23 , एक ओर जहां किसान 3100 रुपए प्रति क्विंटल धान की कीमत होने से खुश नजर आ रहे हैं तो वहीं दूसरी ओर उनसे तौल में उपार्जन केंद्र में सूखती के नाम से अधिक धान ले रहे हैं। प्रति बोरे में किसानों से 700 सौ ग्राम से लेकर एक किलो 200 ग्राम अतिरिक्त धान लिया जा रहा है। किसान उपार्जन केंद्रों में ठगी का शिकार हो रहे हैं। रायगढ़ तहसील अंतर्गत सहकारी समिति (धान खरीदी केंद्र) कछार जिला रायगढ़ में सूखत के नाम से एक्स्ट्रा खरीदी कर किसानों की जेब में डाका डालने का खेल चल रहा है, शासन के नियम के अनुसार एक बारदाने में 40 किलो धान भरा जा सकता है। उसमें बारदाने के वजन के बदले 600 ग्राम ज्यादा धान भरने की छूट है। इस छूट का पूरा फायदा उठाते हुए कछार धान खरीदी केंद्र प्रभारी 600 ग्राम से एक किलो 200 ग्राम तक एक्स्ट्रा धान भरा जा रहा है।

किसान आपत्ति करे तो कह दिया जाता है कि परिवहन समय पर नहीं होने से धान फड़ में पड़े रहने से सूखता है। जिसके बाद एक बोरे का वजन 40 किलो से कम हो जाता है। समिति को होने वाले इस नुकसान के बदले किसानों का धान ज्यादा लेकर शार्टेज की समस्या दूर कर ली जाती है। सूखत यानि धान का सूखना है। एक बोरे में 40 किलो के हिसाब से धान भरा रहता है। जब कस्टम मिलिंग होती है तो ट्रक में लोड होने के बाद धान के तौल में जो अंतर आए वह सूखत की मात्रा होती है। अधिकारियों का भी कहना रहता है कि 40 किलो के बाद बारदाने के वजन के बराबर 500 या 700 ग्राम तक तौल सकते हैं। इससे ज्यादा नहीं तौल सकते हैं।

प्रबंधकों के पास नमी जांचने के लिए मशीन शासन ने दी है। किसानों को समिति प्रबंधक ही रबी व खरीफ दोनों सीजन में खाद्य बीज उपलब्ध कराते हैं। अधिक धान लेने की शिकायतें व आपत्ति करें तो उन्हें परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।
अधिक धान को बाद में इस तरह खपाते हैं
धान का तौल होते ही सिलाई करनी होती है, लेकिन समिति प्रबंधक तत्काल बोरी की सिलाई नहीं कराते। खरीदी के समय तौल में समिति प्रबंधक किसानों से जो अतिरिक्त धान लेते हैं उस एक्स्ट्रा धान को निकालने के बाद सिलाई करते हैं। फिर निकाले गए धान को उन किसानों के नाम से खपाया जाता है जिनके पास कृषि जमीन तो होती है, साथ ही उनका पंजीयन भी होता है, लेकिन वे धान का उत्पादन नहीं करते हैं।
किसानों से निर्धारित मात्रा में ही धान लिया जा रहा है। तय मात्रा से इतना ज्यादा भी धान नहीं लिया जा रहा है कि किसानों को दिक्कत हो।
घुराऊ यादव, प्रभारी, धान खरीदी केंद्र कछार
कछार खरीदी केंद्र में एक से डेढ़ किलो तक ज्यादा तौल रहे धान

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