गुड़ेली और टिमरलगा में अवैध खदानों क्रशर से लाइमस्टोन पर कैसे मिल रही रॉयल्टी पर्ची का खेल?
|
😊 Please Share This News 😊
|
वैध खनिजपट्टों पर नहीं हो रहा उत्पादन, गुड़ेली और टिमरलगा में कई क्रशर संचालक हैं शामिल…
सारंगढ़-बिलाईगढ़, जिले खनिज की रॉयल्टी पर्ची को लेकर खेल जारी है। पहले रायगढ़ में भी यही गोलमाल चल रहा था। जिन लाईम स्टोन क्रशरों के पास वैध खनिपट्टे हैं, उनमें खनन का कोई रिकॉर्ड ही नहीं है। इसके बिना ही खनिज अधिकारी रॉयल्टी पर्ची जारी करते जा रहे हैं। जिनके पास केवल भंडारण लाइसेंस है, वो खनिपट्टों से पत्थर खरीदने का दावा करते हैं। यह सफेद झूठ होता है। अवैध खदानों से पत्थरों की सप्लाई की जाती है।
उसी पत्थर को बेचने के लिए रॉयल्टी पर्ची ली जाती है। खनिज विभाग खुद ही अवैध खनिज को वैध करने का दस्तावेज उपलब्ध करा रहा है। लाइमस्टोन खनिपट्टों की कभी जांच ही नहीं हुई। पिछले दिनों तीन अवैध खदानों से चेन माउंटेन मशीन जब्त की गई। इसमें एक क्रशर संचालक की सीधी संलिप्तता पाई गई है, लेकिन खनिज विभाग ने अब तक क्रशर की जांच नहीं की है।
खनिज विभाग में सबसे बड़ा घपला रॉयल्टी पर्चियों का है। अवैध खदानों से जो क्रशर चल रहे हैं, उनको रॉयल्टी पर्ची देने के पहले परीक्षण तक नहीं होता। वैध खनिपट्टों से उत्पादन बेहद कम है, लेकिन जितनी रॉयल्टी पर्ची जारी की जा रही है, वह सवालों के घेरे में है।
परिवाद दायर करने से कम होगी गड़बड़ी
हाल ही में रायगढ़ कलेक्टर ने खनिजों के अवैध परिवहन पर परिवाद दायर करने का आदेश दिया है। मतलब जब तक कोर्ट आदेश नहीं देगा, तब तक गाड़ी जब्त रहेगी। सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में कलेक्टर ने अब तक अवैध खनन व परिवहन को रोकने कोई ठोस आदेश नहीं दिया है। दरअसल, क्रशरों के पास हिसाब ही नहीं कि वे पत्थर कहां से कितना लाए।
|
व्हाट्सप्प आइकान को दबा कर इस खबर को शेयर जरूर करें |

