पारिवारिक झगड़े में दो परिवार टूटकर बिखर गए अपने -अपनों के कैसे दुश्मन हो गए ? – Chhattisgarh Top News

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पारिवारिक झगड़े में दो परिवार टूटकर बिखर गए अपने -अपनों के कैसे दुश्मन हो गए ?

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छत्तीसगढ़ टॉप न्यूज़ कोसीर / सारंगढ़ । कोसीर मुख्यालय गौटिया पारा मुहल्ला में सुबह -सुबह दो परिवार में गाली -गलौच हुई और आमने -सामने की लड़ाई में तब्दील हो गई एक दूसरे को अपनी -अपनी ठसन दिखाते नजर आए और इस दो परिवार की पारिवारिक झगड़े में दो परिवार अंततः टूटकर कर बिखर गए ।

क्या हुआ और क्या है पुरा मामला – कोसीर मुख्यालय के गौटिया पारा मुहल्ला में 28 मई 2023 की अलसुबह दो परिवार आमने -सामने झगड़े हुए और यह बात घर के आंगन से निकलकर सड़क तक चर्चे में आ गई । स्वर्गीय लखन लाल चन्द्रा और स्वर्गीय जीवन लाल चन्द्रा के परिवार आपास में आमने -सामने झगड़े हो गए इस झगड़े में दोनों परिवार को झगड़े की बड़ी कीमत चुकानी पड़ी और परिवार टूटकर बिखर गया । स्वर्गीय लखन लाल चन्द्रा और स्वर्गीय जीवन लाल चन्द्रा के परिवार के आंगन में बस एक दीवार की आड़ थी और यही पुरानी दीवार आज दोनों परिवार के लिए मुसीबत बन गई ।
केशव चन्द्रा 4 -5 महीना पहले अपने नए घर बनाने के लिए नींव रख रहा था और पुरानी दीवारों को नया दीवार बना रहा था ।केशव चन्द्रा और त्रियुगी नारायण चन्द्रा के घर -आंगन पुरानी दीवार की नींव पर टिकी थी जिसे केशव चन्द्रा अपनी नई नींव देकर दीवार खड़ा कर रहा था तब बित्ते भर जमीन के लिए दोनों परिवार में दीवार को लेकर तना -तनी और मनमुटाव हो गए यह बात उनके सामाजिक और गाँव के चौपाल तक बात गई और आपसी ताल मेल से दोनों पक्षों में समझौता हो गई । बात यहाँ तक खत्म हो गई थी ।

28 मई की वह काला दिन दोनों परिवार में फिर एक बार काले साया की तरह मंडरा रहा था नए दीवार पर अल सुबह 6 बजे जैसे पुलिस शिकायत में केशव चन्द्रा ने शिकायत की थी की वह अपने नए दीवार में पानी दे रहा था इस दौरान दीवार में पानी तराई से पानी त्रियुगी नारायण के घर आंगन में चला गया और त्रियुगी नारायण के परिवार वालों को यह अच्छा नहीं लगा और दोनों परिवार में फिर एक बार तना तनी गाली – गलौच हुई और यह बात इतना बढ़ गया कि काका – भतीजा के परिवार आमने सामने हो गए फिर क्या केशव चन्द्रा त्रियुगी नारायण चन्द्रा के घर जा धमका और जमकर दोनों पक्षों में झगड़े हो गए । इस झगड़े में आस पास के लोग इक्कठे हो गए और झगड़ा शांत कराया गया । बात ही खत्म नहीं हुई दोनों पक्ष अपनी -अपनी शिकायत लेकर थाने पहुंच गए दोनों पक्षों ने अपने अपने हिसाब से शिकायत दर्ज कराए ।

अंततः दोनों पक्षों की शिकायत कोसीर पुलिस ने दर्ज कर ली और दोनों पक्ष गंभीर चोटें के लिए बताया तब उनके स्वास्थ्य परिक्षण के लिए सारंगढ़ भेज दिया गया । त्रियुगी नारायण चन्द्रा पिता स्वर्गीय जीवन लाल चन्द्रा उम्र 45 के शिकायत पर कोसीर पुलिस ने केशव चन्द्रा पिता स्वर्गीय लखन लाल चन्द्रा उम्र 62 वर्ष और केशव चन्द्रा के पुत्र विनय ,भूपेंद्र चन्द्रा पर शिकायत के आधार पर धारा 294 ,323, 34 ,451,506 की मामला दर्ज कर विवेचना में लिए थे वही केशव चन्द्रा के शिकायत पर त्रियुगी नारायण चन्द्रा पिता स्वर्गीय जीवन लाल चन्द्रा उम्र 45 वर्ष और उनके परिवार के अन्य सदस्यों पर धारा 147 , 294 ,323,34 के तहत मामला दर्ज कर विवेचना में ले लिया गया था ।
इस घटना को घटित हुये सुबह से शाम हो गई। दूसरे दिन त्रियुगी नारायण चन्द्रा का तबियत इस झगड़े से मार पीट के कारण बिगड़ गया और इलाज के लिए रायगढ़ गए थे 29 मई को त्रियुगी नारायण चन्द्रा का तबियत बहुत खराब हो गया और देर रात उनकी मृत्यु हो गई ।

इस पुरी घटना में त्रियुगी नारायण की मृत्यु के बाद सुबह गाँव में उथल पुथल मच गया वही पुलिस हरकत में आई और कानून के शिकंजे में केशव चन्द्रा और उनके दोनों बेटों को गिरफ्तार कर ली ।30 मई की सुबह गाँव में घटना को लेकर तरह तरह की बातें होने लगी थी । कोसीर पुलिस ने घटना को विवेचना में लेते हुए और घटना की साक्ष्य और गवाहों के कथन गवाह पर धारा 452 पंजीबद्ध कर विवेचना करते हुए केशव चन्द्रा उनके बेटे भूपेंद्र चन्द्रा , विनय चन्द्रा को गिरफ्तार कर रिमांड में जेल दाखिल किया गया । दो पक्षों के इस पारिवारिक झगड़े में त्रियुगी नारायण की झगड़े के बाद मृत्यु हो गई और वह दूसरी सुबह नहीं देख पाया ।

त्रियुगी नारायण दक्षिण बस्तर दंतेवाड़ा जिले के बंडी पारा पोटाली शासकीय प्राथमिक शाला स्कूल में शिक्षक थे । इस पारिवारिक झगड़े में शिक्षक की मृत्यु हो गई । आखिर त्रियुगी नारायण को अंदरूरी चोंट लगा था या नहीं उसकी मृत्यु कैसे हुई इस सभी बातों का खुलासा पोस्टमार्डम रिपोर्ट आने के बाद ही खुलासा होगी । वही कोसीर पुलिस पोस्टमार्डम रिपोर्ट के बाद हत्या की मामला दर्ज कर सकती है यह बात अभी गर्भ में छुपी है ।वही इस घटना से दोनों परिवार टूटकर बिखर गए हैं ।

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