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गोधन न्याय योजना: घर के पास मिला रोजगार, सपने हो रहे साकार समूह की महिलाएं योजना से आत्मनिर्भर होकर परिवार का कर रही आर्थिक सहयोग

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रायगढ़, 25 मई 2023/ गोधन न्याय योजना लोगों के सभी मूलभूत उद्देश्यों को साकार कर रहा है। साथ ही गौठान में संचालित विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से स्व-सहायता समूह की महिलाएं सामाजिक एवं आर्थिक रूप से सशक्त होने की दिशा में अग्रसर है। इसी तरह गांव-गांव में गोबर खरीदी से ग्रामीणों को कई प्रकार की सुविधाएं मिल रही हैं। गोधन न्याय योजना से मिलने वाली राशि का उपयोग ग्रामीण पशुपालक अब अपने बच्चों की स्कूली पढ़ाई-लिखाई के साथ कई छोटी-मोटी जरूरतों को पूरी कर पा रहे है। सही मायने में कहा जाए तो मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल की यह दूरगामी सोच का नतीजा है कि आज छत्तीसगढ़ में संचालित गोधन न्याय योजना से लोगों के सपने साकार हो रहे है और इस योजना ने उनके जीवन में खुशियों के रंग भर दिए हैं।
जिला मुख्यालय रायगढ़ से 20 किलो मीटर दूर विकासखण्ड खरसिया के अंतर्गत ग्राम चपले में स्थित गोठान प्रथम फेस का आदर्श गोठान है। वर्ष 2020 में आदर्श गोठान चपले का निर्माण शुरू हुआ। जहां 16 महिला स्व-सहायता समूह विभिन्न गतिविधियों से लाभ प्राप्त कर रहे है। यहां गोबर खरीदी के साथ-साथ अन्य आजीविका गतिविधियां भी संचालित हो रही है। आदर्श गोठान चपले में सभी विभागों के सहयोग से कृषि एवं संबंधित समस्त आजीविका गतिविधियों का सफल संचालन किया जा रहा है। यहां वर्ष 2020 से मई 2023 तक कुल 4683.71 क्विंटल गोबर खरीदी हुई है। जहां जय मां दुर्गा स्व-सहायता समूह द्वारा अभी तक 1406 क्ंिवटल वर्मी कम्पोस्ट उत्पादन किया गया एवं लगभग 4 लाख 20 हजार रुपये आय अर्जित कर चुके है।
समूह कर रही रेशम धागा का निर्माण
आज यहां दो महिला स्व-सहायता समूह रेशम धागा निर्माण कार्य में लगी हुई है। वे सभी महिलाएं अपने घर-गृहस्थी को तो बखूबी संभाल रही है और साथ ही साथ रेशम धागा निर्माण से वे प्रतिमाह 1832 रूपये आय अर्जित कर रही है। समूह की महिलाएं घर के पास रोजगार मिलने से काफी खुश है।
सेनेटरी पैड तैयार कर रही समूह की महिलाएं
उजाला ग्राम संगठन में कार्यरत महिला समूह द्वारा सेनेटरी पेड निर्माण का कार्य किया जा रहा है, जहां 7 महिला सदस्यों द्वारा अभी तक शुद्ध 75 हजार रुपये आय अर्जित कर चुकी है। यहां कार्यरत महिलाओं ने कहा कि गोधन न्याय योजना से वे आर्थिक रूप से सशक्त हो रही है एवं घर-परिवार का सहयोग कर रही है। समूह की महिलाओं ने गोधन न्याय योजना के लिए शासन को अपना धन्यवाद ज्ञापित किया।
गौठान में संचालित पशुपालन बना अतिरिक्त आय का जरिया
कल तक गांव की महिलाएं सिर्फ चुल्हा-चौका में ही सीमित रह जाती थी। आज उनके लिए गौठान में संचालित पशुपालन कार्य आय का जरिया बन गया है। चपले गौठान में शाकम्भरी स्व-सहायता समूह द्वारा मुर्गीपालन कार्य किया जा रहा है। इसी तरह लक्ष्मी स्व-सहायता समूह बकरी पालन कर रही है। वहीं सरस्वती महिला स्व-सहायता समूह गाय पालन कर रही है। इसी तरह कस्तूरी महिला स्व-सहायता समूह मछली पालन कर रही है। जिससे उन्हें प्रतिमाह आय प्राप्त हो रही है वे अपने परिवार के जीविकोपार्जन में आर्थिक सहयोग कर रही है।
गौठान में हो रही विभिन्न गतिविधियां संचालित
आदर्श गौठान चपले में समूह की महिलाएं विभिन्न आजीविका मूलक गतिविधियां संचालित कर रही है। जैसे कोसा रिलिंग कार्य, गेंदा फूल उत्पादन, अगरबत्ती, फिनाईल, साबून, सर्फ पावडर, दोना-पत्तल निर्माण, फाईल फोल्डर का निर्माण कर रही है।

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