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ठगी का अपराध दर्ज कराने 11 माह से भटक रहा है फरियादी,बयान भी पुलिस ले चुकी जामूल पुलिस की लापरवाही उजागर जांच अधिकारी की भूमिका पर सवाल

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भिलाई। एसीसी में नौकरी लगाने के नाम पर ठगी करने वाले के खिलाफ थाने में शिकायत कराने के लिए फरियादी दर दर भटक रहा है। पहले लिटिया तो अब जामुल पुलिस थाने का चक्कर काटने मजबूर हो गया है। जामुल पुलिस ने तो बकायदा बयान लेने के बाद भी अपराध कायम करना छोड़ इसे पेंडिंग में डाल दिया है। जामुल पुलिस की इस हरकत से पीड़ित युवक मानसिक रूप से प्रताड़ित होने को मजबूर है। ग्राम पोटिया सेवती थाना बोरी जिला दुर्ग निवासी पुकेश्वर कुमार देशमुख ने इलेक्ट्रिशियन से आईटीआई किया हुआ है। प्राइवेट नौकरी के लिए क्युकर जॉब प्लेसमेंट में 2 नवम्बर 2021 को जॉब की एप्लाई किया। 6 नम्बर को क्युकर जॉब के कस्टमर रिलेशनशिप अफसर पल्लवी सिन्हा नामक से बात हुई। उन्होंने अपना पहचान पत्र, बायोडाटा मेल करने को कहा था। मेल करने के बाद कस्टमर रिलेशनशिप अफसर ने जॉब प्रोसेस चार्ज के बारे में बताया गया। पीड़ित को नौकरी की अवश्यकता होंने पर क्युकर जॉब प्लेसमेंट के प्रोसेस चार्ट 44,000, इंटरव्यू फीस 75,000 रजिस्ट्रेशन फीस 2200 रुपये क्युकर इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के अकाउंट आईडीएफसी बैंक में ट्रांसफर किया गया। 11 नवम्बर को एसीसी रिक्वायरमेंट मैनेजर (एच आर) अरविंद पाटिल नामक व्यक्ति का पीडित को इंटरव्यू लेटर मेल में आई। जिसमे इंटरव्यू तारीख 13 नवंबर को मुंबई एसएससी में होना उल्लेख था। इसके लिए फिर बात करने पर बताया गया कि कंसलटेंसी से इंटरव्यू का जगह मैनेज होने की बात कही गई थी।

एससी जामुल में इंटरव्यू हुआ
पीड़ित पुकेश्वर देशमुख ने बताया कि 13 नवम्बर 2021 को एसीसी जामुल के पुराने गेट पर एचआर टीम के व्यक्ति को पीड़ित ने पिकअप किया। बकायदा जामुल एसीसी के कार्यालय में पीड़ित का इंटरव्यू भी लिया गया। जब पीड़ित ने इंटरव्यू लेने वाले व्यक्ति से मोबाइल नंबर की मांग की तो उन्होंने झांसे में लेते हुए कहा कि एचआर प्रमुख अरविंद पाटील आपको कॉल करके सारी जानकारी देने की बात कही थी। इसी दिन ही पीड़ित को जॉब के लिए सिलेक्शन लेटर भी दिया गया। इसके बाद 15 नवम्बर को जॉब ऑफर लेटर दिया गया। इस दौरान यूनिफॉर्म गेट पास सेफ्टी किट आदि के लिए 27,900 की डिमांड कंसल्टेंसी द्वारा की गई। कंसल्टेंसी ने पुलिस को फिर सेंड करके बैंक में अकाउंट खोलने हम भेजा था फिर इतने उस फॉर्म को फिल अप कर वापस कंसल्टेंसी को भेज दिया इसके बाद एचएसबीसी बैंक का नोटिफिकेशन पीड़ित के मोबाइल नंबर आया जिसमें स्पष्ट रूप से उल्लेख था सैलरी अकाउंट आपका ओपन हो गया जिसमें रुपए जमा है। इसके अलावा एचआर बताने वाला अरविंद पाटिल 86,600 रुपये एनएफटी नागपुर केंद्रीय बैंक के नाम से किया गया। इसके अलावा विशेष एक नाम से फर्जी एनओसी दी पीड़ित को दी गई। इस तरफ से क्युकर जॉब कंपनी बेरोजगारों को ठगी की शिकार बना रही है। पीड़ित से कुल 3 लाख रुपये की ठगी किया गया है।

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